वाराणसी। भारतीय सेना का हिस्सा बनने के इच्छुक पूर्वांचल के 12 जिलों के युवाओं के लिए भर्ती रैली का आयोजन 22 महीने बाद आगामी सितंबर महीने में किया जाएगा। इसके लिए तीन सितंबर से 22 सितंबर की तिथि प्रस्तावित की गई है। रैली की कार्ययोजना को मूर्त रूप देने के लिए छावनी क्षेत्र स्थित सेना भर्ती कार्यालय की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
छावनी क्षेत्र स्थित सेना भर्ती कार्यालय की ओर से आखिरी बार पूर्वांचल के 12 जिलों के युवाओं के लिए रैली का आयोजन नवंबर 2019 में किया गया था। इसके बाद कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण वर्ष 2020 में भर्ती रैली का आयोजन नहीं किया जा सका था। आगामी अप्रैल महीने में सेना भर्ती रैली के आयोजन की तैयारी थी, मगर कार्यालय के निदेशक अन्य केंद्रों में आयोजित रैलियों में व्यस्त हैं। इस वजह से अब सितंबर में सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इसके लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी से जल्द ही पत्राचार किया जाएगा।
इन जिलों के नवयुवक भर्ती रैली में होंगे शामिल
वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, देवरिया
जालसाज के झांसे में कतई न आएं
सेना भर्ती निदेशक कर्नल सिद्धार्थ बसु ने बताया कि भारतीय सेना का हिस्सा बनने की तैयारी कर रहे नवयुवक कभी किसी जालसाज के झांसे में न आएं। उस अभ्यर्थी को पछतावा के सिवा कुछ और हासिल नहीं होगा। स्थानीय पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और सेना भर्ती कार्यालय की नजर एक-एक अभ्यर्थी की गतिविधि पर रहती है। साथ ही यह भी स्पष्ट करना चाहेंगे कि रैली, मेडिकल, डिस्पैच, भर्ती होने, ट्रेनिंग और यूनिट में पहुंचने के दौरान अभ्यर्थी का इतनी बार वेरिफिकेशन होता है कि फर्जीवाड़ा करने वाला कहीं न कहीं पकड़ा जरूर जाता है। इसलिए किसी जालसाज या दलाल के झांसे में आकर अभ्यर्थी अपना भविष्य न चौपट करें। इसके अलावा अभ्यर्थियों के लिए यह सलाह है कि वह कंप्यूटर और इंटरनेट की साधारण जानकारी जरूर रखें। अपने ई-मेल आईडी व पासवर्ड को याद रख कर भर्ती का अपना एडमिट कार्ड खुद निकालें। कभी भी किसी को ओरिजिनल शैक्षणिक डॉक्यूमेंट न दें। अभ्यर्थियों की अज्ञानता का ही फायदा जालसाज और दलाल उठाते हैं।