लोगों का कहना है कि ई रिक्शा वाले पर्यटकों को घुमाने के लिए बुकिंग ले रहे हैं और पुलिस से बचकर निकलने के लिए गलियों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरे रूट के ई रिक्शा लक्सा, गोदौलिया सवारियों को पहुंचाने के लिए सोनिया, सिद्धगिरी बाग होते हुए पुलिस से बचकर जा रहे हैं।
विरोध करने पर मारपीट पर उतर आ रहे हैं। स्थानीय निवासी राजेश गुप्ता कहते हैं पहले ये रास्ते पैदल चलने के लिए सुरक्षित थे, लेकिन अब हर समय ई-रिक्शा भरे रहते हैं। दिलीप सिंह का कहना है कि पुलिस से बचने के लिए चालक जानबूझकर मुख्य सड़कों से बचकर गलियों में घुसते हैं, ताकि चेकिंग से बच सकें। कलर कोड व बार कोड मैदागिन मार्ग पर ज्यादातर ई रिक्शों पर दिखने को नहीं मिलेगा।
रूट के अनुसार ई-रिक्शा संख्या
रूट -1 - (लाल कलर कोड)
- कोतवाली, जैतपुरा, आदमपुर
- ई-रिक्शा संख्या : 5071
रूट -2- (पीला कलर कोड)
- चेतगंज, लक्सा, चौक, दशाश्वमेध, सिगरा
- ई-रिक्शा संख्या 3362
रूट-3 (हरा कलर कोड)
- क्षेत्र: भेलूपुर
- ई-रिक्शा संख्या 2786
- रूट -4 (नीला कलर कोड)
- लंका, चितईपुर
- ई-रिक्शा संख्या 2507
अधिकारी बोले
ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही गलियों में भी सख्ती बढ़ाई जाएगी। टीआई को निर्देशित किया गया है। ऐसे ई रिक्शा जो पुलिस से बचकर गलियों में मनमाने तरीके से चल रहे हैं उनपर कार्रवाई होगी। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक