प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर संरक्षित किए जाने वाले वेटलैंड के रूप में कठिरांव का चयन किया गया है। यह क्षेत्र प्राकृतिक जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने, बाढ़ नियंत्रण और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां प्रवासी पक्षियों, जलीय जीवों और अन्य वन्य प्रजातियों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार संरक्षण के बाद वेटलैंड क्षेत्र में अतिक्रमण, ठोस अपशिष्ट फेंकना, जल प्रदूषण फैलाना, अवैध निर्माण करना तथा प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इसके लिए निगरानी और संरक्षण की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वेटलैंड के संरक्षण से क्षेत्र का भूगर्भ जल स्तर रिचार्ज होगा और भविष्य में जल संकट की संभावनाएं कम होंगी। इसके साथ ही यह हरित एवं जलीय क्षेत्र वाराणसी के लिए प्राकृतिक ‘फेफड़े’ की तरह कार्य करेगा, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।
वन विभाग का कहना है कि कठिरांव वेटलैंड का संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।