हालात के लिए पीडब्ल्यूडी ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई पर फोड़ा ठीकरा
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छह दिनों के अंदर गोदौलिया-गिरजाघर मार्ग पर रविवार को तीसरी बार सड़क धंसने से अफरातफरी मची। सुबह ढाई घंटे की जबरदस्त बारिश के दौरान फिर उसी दायरे में सड़क धंसी है, जहां दो दिन पहले गड्ढा पाटकर सड़क बनाई गई थी।
सावन सोमवार से ठीक पहले सड़क धंसने और आवागमन बाधित होने से नाराज महापौर रामगोपाल मोहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क मरम्मत में लापरवाही पर कार्यदायी संस्थाओं को जमकर फटकार लगाई। कहा कि जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने बार-बार सड़क धंसने के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को जिम्मेदार ठहराया है।
सड़क धंसने से गिरजाघर-गोदौलिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद होने से गंभीर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सावन सोमवार के मद्देनजर कांवरियों का रेला शहर में पहुंचना शुरू हो गया है। अधिकतर कांवरिए इसी रास्ते बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने जाते हैं। दशाश्वमेध घाट जाने का भी यही प्रमुख मार्ग है।
हालांकि आननफानन में मरम्मत शुरू करा दी गई है। यहां पर बीते मंगलवार को पहली बार दस फीट गहरा और तीस फीट लंबा गड्ढा हो गया था। अगले दिन बुधवार को जब इसे पाटा जा रहा था तो वहां कुछ मीटर के फासले पर फिर सड़क धंस गई थी। इसके बाद गोदौलिया से गिरजाघर के बीच जगह-जगह जेसीबी से सड़क को दबाकर देखा गया और नए सिरे से मरम्मत कराई गई।
बावजूद इसके रविवार को सड़क धंसने से सवाल उठ गए हैं। महापौर ने जल निगम और नगर निगम के अभियंताआें को हिदायत दी है कि सड़क की मरम्मत के साथ निगरानी सुनिश्चित कराई जाए। महापौर ने दशाश्मेध क्षेत्र में विश्वनाथ गली, त्रिपुरा भैरवी, राजेंद्र प्रसाद घाट का भी जायजा लिया।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव ने बताया कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई गडढे को ठीक से पाट नहीं रही है। इससे पीडब्ल्यूडी का भी नुकसान हो रहा है। दो बार सड़क बनाई गई। एक-एक ट्रक गिट्टी अंदर चली गई। अब गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई से कांपैक्टिंग का प्रमाण पत्र लेने के बाद ही पीडब्ल्यूडी सड़क बनाएगा।