शहर के बीच अनोखा है श्रीनगर कॉलोनी का पार्क और रामकुंड
- फोटो : अमर उजाला
सुरम्य हरियाली... सुबह और शाम सुमधुर संगीत...। वह भी एक पार्क की दीवारों से निकलता संगीत। कंक्रीट के जंगल में तब्दील होते शहर में ऐसे वातावरण की कल्पना करना ही कितना सुकून देता है। ऐसे में अगर आप वास्तव में बीच शहर सिगरा जैसे इलाके में ऐसे ही किसी स्थान पर पहुंच जाएं तो...! जी हां.. श्रीनगर कॉलोनी के लोगों ने सहभागिता और सामंजस्य से प्रकृति का सहज सौंदर्य सहेज रखा है। एक ऐसी जगह बनाई है जहां बार-बार जाने को जी करता है... सुकून के पल बिताने को जी करता है...।
श्रीनगर कॉलोनी के सजग नागरिकों की पहल पर यहां का पार्क और रामकुंड न सिर्फ साफ सुथरा और सुंदर है बल्कि वहां भोर में भजन और मधुर संगीत से वातावरण भक्तिमय और खुशनुमा होता है। कालोनी में शहर का एक ऐसा इकलौता पार्क है जिसकी दीवारों से संगीत गूंजता है और सुबह शाम लोग इसका लुत्फ उठाते हैं। पार्क की दीवारों पर नौ जगह म्यूजिक सिस्टम लगाए गए हैं जिनसे सुबह-शाम मधुर संगीत और भजन बजता है।
श्रीनगर कॉलोनी स्थित पार्क और कुंड अगल-बगल ही हैं। पार्क के साथ ही कुंड के चारों ओर पाथवे बना है। इलाके और कॉलोनी की महिलाएं, बच्चे और आसपास के लोग इस सुरम्य वातावरण का लुत्फ उठाते हैं।
खास बात यह कि यह व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की। कॉलोनी के लोगों ने अपने खर्च से पार्क और रामकुंड को सजाया-संवारा-सहेजा है। श्रीनगर कॉलोनी विकास समिति के संरक्षक केके शर्मा का कहना है नागरिकों के सहयोग से पार्क के चारो ओर लोहे की ग्रिल, बेंच, पेड़-पौधे लगाए गए हैं। बाद में नगर निगम की ओर से एक माली की व्यवस्था की गई।
वहीं, रामकुंड का आध्यात्मिक माहात्म्य भी है। मान्यता है कि भगवान राम को ब्रह्मदोष होने पर उन्होंने काशी में पांच स्थानों पर रामेश्वरम की स्थापना की थी। इनमें एक रामकुंड भी है। कुंड के बीचोंबीच श्रीराम, सीता और लक्ष्मण का मंदिर भी स्थापित है।