पुलिस की नाकामी से बनारस में पशु तस्करी लगातार जारी है। बिहार से आने वाले पशुओं से भरे ट्रक जिले में धड़ल्ले से आते हैं। बताया जाता है कि पुलिस की मिलीभगत से इन ट्रकों को पास कराया जाता है। पुलिस कुछ ट्रकों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाती है और शेष से रुपये लेकर उन्हें जाने देती है। पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत की शिकायतों पर एसएसपी ने सख्त चेतावनी दी है।
वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पुलिस लाइन में रामनगर, रोहनिया और मिर्जामुराद थानाध्यक्ष को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर पशु तस्करी नहीं रुकी तो इसका खामियाजा थानेदारों और चौकी प्रभारियों को भुगतना पड़ेगा। थानेदार और चौकी प्रभारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
एसएसपी ने रामनगर थानाध्यक्ष से पूछा कि आखिरकार बिहार की ओर से आने वाले पशुओं से भरे चार पहिया वाहन जिले में कैसे प्रवेश कर जाते हैं। रामनगर थानाध्यक्ष, उनके क्षेत्र के चौकी प्रभारी और सिपाही यदि पशु तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा पाए तो सभी को गंभीर परिणाम भुगतना होगा। पशु तस्करी के आरोप में जो भी गिरफ्तार हों उन पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनका गिरोह पंजीकृत किया जाए।