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बनारस के एसएसपी की चेतावनी, पशु तस्करी नहीं रुकी तो थानेदार जाएंगे जेल

Sat, 20 Oct 2018 11:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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पशु तस्करी - फोटो : file photo
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पुलिस की नाकामी से बनारस में पशु तस्करी लगातार जारी है। बिहार से आने वाले पशुओं से भरे ट्रक जिले में धड़ल्ले से आते हैं। बताया जाता है कि पुलिस की मिलीभगत से इन ट्रकों को पास कराया जाता है। पुलिस कुछ ट्रकों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाती है और शेष से रुपये लेकर उन्हें जाने देती है। पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत की शिकायतों पर एसएसपी ने सख्त चेतावनी दी है।
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वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पुलिस लाइन में रामनगर, रोहनिया और मिर्जामुराद थानाध्यक्ष को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर पशु तस्करी नहीं रुकी तो इसका खामियाजा थानेदारों और चौकी प्रभारियों को भुगतना पड़ेगा। थानेदार और चौकी प्रभारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

एसएसपी ने रामनगर थानाध्यक्ष से पूछा कि आखिरकार बिहार की ओर से आने वाले पशुओं से भरे चार पहिया वाहन जिले में कैसे प्रवेश कर जाते हैं। रामनगर थानाध्यक्ष, उनके क्षेत्र के चौकी प्रभारी और सिपाही यदि पशु तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा पाए तो सभी को गंभीर परिणाम भुगतना होगा। पशु तस्करी के आरोप में जो भी गिरफ्तार हों उन पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनका गिरोह पंजीकृत किया जाए।
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रोजाना गुजरते हैं डेढ़ सौ ज्यादा वाहन

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बनारस की सीमा से होकर एनएच-दो से रोजाना डेढ़ सौ से ज्यादा पशु तस्करों के वाहन गुजरते हैं। इनमें से कुछेक को पकड़ कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती है और शेष से रुपये लेकर उन्हें जाने देती है। बिहार से आने वाले तस्करों के वाहन को चंदौली पुलिस का भी पर्याप्त संरक्षण मिला हुआ है।

बीते महीने पशु तस्करी के मामले को लेकर इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह को निलंबित किया गया था और मिर्जामुराद थाने के सिपाही हैदर को जेल भेजा गया था। इसके बावजूद न तो पुलिसकर्मी डर रहे हैं और न तस्करों का हौसला पस्त हो रहा है। 
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