बनारस में डीजल रेल इंजन कारखाना के केंद्रीय खेल मैदान पर गुरुवार को बुराई पर अच्छाई की जीता प्रतीक को लेकर रावण दहन का आयोजन किया गया। इस बार का रावण दहन को आधुनिक बनाया गया था।
इसमें जैसे ही रिमोट का बटन दबाया गया, वैसे ही तीर निकलकर सभी बुराईयों को नाश कर दिया। राम के बाण चलाते ही रावण की नाभि में तीर जा लगा और रावण रूपी बुराई का अंत हो गया। इसके पूर्व रामचरित मानस पर आधारित ढाई घंटे के रूपक को देखने के लिए केंद्रीय खेल मैदान खचाखच भरा हुआ था। जिसमें आसपास के इलाकों से हजारो की संख्या लोग पहुंचकर इस विजय के गवाह बने।
डीरेका के केंद्रीय खेल मैदान पर मानस की चौपाइयों मंगल भवन अमंगल हारी की धुन गूंजते ही शंकर, पार्वती, गणेश, नारद आदि पात्र प्रवेश करने लगे। राम अपनी बानरी सेना के साथ प्रवेश करते हैँ तो रावण राक्षसी सेना के साथ। मंच से व्यास और वाचक के संवाद पर पात्र अभिनय करते है।
जिस देख लो भगवान राम के जयकारे लगाने लगते हैं। अंत में भगवान राम की धनुष से निकला तीर रावण की नाभी में लगते ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धुं-धुं कर जलने लगे। इससे पूर्व डीरेका के विद्युत इंजीनियर सुधीर रंजन ने पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।