मंगलवार की रात एसएसपी के तबादले के साथ ही अटकलों और चर्चाओं के दौर खत्म हुए। सोशल मीडिया पर जहां एक ओर भाजपाजनों ने इसे लेकर खुशी जताते हुए अपनी जीत बताई। वहीं, पुलिसकर्मियों का कहना था कि यह गलत हुआ। इस तरह से तबादला होगा तो पुलिस सही तरीके से काम नहीं करेगी।
अब तक की नौकरी का सबसे लंबा समय बीता, सबको धन्यवाद
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि अब तक की नौकरी में मैं सर्वाधिक आठ महीने बनारस में तैनात रहा। पुलिसकर्मियों का और यहां के लोगों का बहुत सहयोग मिला। इसके लिए सबके प्रति आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग नौकरी का एक हिस्सा है, लेकिन बनारस में काम करके बहुत आनंद आया। बनारस से जुड़ी तमाम सुखद यादें हैं।
शासन से जो निर्देश मिला है उसका अक्षरशः पालन करते हुए आगे भी बेहतर पुलिसिंग करते रहेंगे। भाजपा नेता से मारपीट संबंधी प्रकरण पर उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी में रोजाना तमाम तरीके की बातें सामने आती रहती हैं। हमारा लक्ष्य एकमात्र यही होना चाहिए कि हम मेहनत, ईमानदारी, लगन और विभाग के प्रति निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहें।
कानून का शासन ही शीर्ष प्राथमिकता, पहले भी तैनात रहा इधर
वाराणसी के नए एसएसपी 2007 बैच के आईपीएस अमित पाठक ने कहा कि कानून का शासन ही नौकरी में अब तक शीर्ष प्राथमिकता में रहा है। कोई फरियादी थाने और चौकी से निराश होकर न लौटे, इसके लिए हरसंभव उपाय किया जाएगा। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही वह बनारस में कार्यभार संभालेंगे। उन्होंने बताया कि इसके पहले वह पूर्वांचल में चंदौली में पुलिस अधीक्षक के तौर पर और 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर के सेनानायक के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं।