प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस गलत दिशा में तेज रफ्तार से आ रही थी। टक्कर लगते ही चारों सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अंश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, देवराज, सरिता और अंशिका को हाथी बाजार स्थित राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीनों को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वाराणसी-भदोही मार्ग पर जाम लगाकर बस चालक की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कपसेठी, जंसा और मिर्जामुराद समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया। थाना प्रभारी विकास कुमार मौर्य ने बताया कि बस को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एक महीने में चार लोगों की मौत
इस मार्ग पर बीते एक माह में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। उत्तरी लेन का निर्माण अधूरा होने के कारण दोनों दिशाओं का यातायात दक्षिणी लेन से संचालित हो रहा है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि फोरलेन परियोजना की समय-सीमा दो बार बढ़ने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हुआ। अब बजट के अभाव में कार्य बंद होने से अकेलवा से भदोही तक का सफर मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।