जिले में 1144 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 2.50 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सरकार की तरफ से वर्ष 2020-21 में इन विद्यालयों में पोषण वाटिका बनाने का आदेश दिया गया था।
परिषदीय स्कूलों में पौष्टिक आहार देने के लिए बनाई गई पोषण वाटिका खुद कुपोषित हैं। इसमें सब्जियों की जगह घास उगी हैं। जिले के करीब 60 फीसदी विद्यालयों में धरातल पर वाटिका का अस्तित्व समाप्त हो गया है। वाटिका में उगने वाली सब्जियों को मिड डे मील में उपयोग करने का आदेश है। विद्यालयों में सब्जियां बाजारों से खरीदी जा रही हैं।
विज्ञापन
जिले में 1144 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 2.50 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सरकार की तरफ से वर्ष 2020-21 में इन विद्यालयों में पोषण वाटिका बनाने का आदेश दिया गया था। इस वाटिका का निर्माण पहले उन स्कूलों में होना था जहां बाउंड्रीवॉल थी।
साल 2024 से इसे हर विद्यालय के लिए अनिवार्य कर दिया गया था। परिसर में खाली जमीन नहीं होने की स्थिति में स्कूल की छत और खाली जगहों में गमले का उपयोग कर किचन गार्डेन का निर्माण करना था। वाराणसी में अधिकतम विद्यालयों में वर्तमान में पोषण वाटिका अस्तित्व विहीन हो चुके हैं।
विज्ञापन
जहां अस्तित्व में वाटिका वहां उगी घास
जिले के ऐसे प्राथमिक विद्यालय जहां पोषण वाटिका अस्तित्व में हैं, वह उपयोग में नहीं है। देखरेख के अभाव में वहां घास उग गई है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण पोषण युक्त सब्जियों का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इन विद्यालयों में सब्जियां खरीदी जाती हैं जिसका व्यय अलग से आता है।