बीएचयू के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मानद प्रबंधक पद से हटाए जाने के बाद प्रो. ब्रज भूषण ओझा पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने भी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अपने सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निकायों से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। यह निर्णय सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं और सामने आए आरोपों के संज्ञान में लेने के बाद किया गया है।
बुधवार को विश्वविद्यालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के व्याकरण विभाग के प्रो. ब्रज भूषण ओझा को अब विश्वविद्यालय के किसी भी अध्ययन बोर्ड, विशेषज्ञ पैनल, चयन समिति, परीक्षा, मूल्यांकन कार्य अथवा अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निकायों में सदस्य या विशेषज्ञ के रूप में नामित नहीं किया जाएगा। आदेश के अनुसार, यदि वह पहले से किसी समिति या दायित्व से जुड़े हैं तो उन्हें तत्काल प्रभाव से उससे मुक्त माना जाएगा।