देश के पहले रोपवे का तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके अंतिम स्टेशन गोदौलिया पर चारों दिशाओं में निकास द्वार होंगे। सिगरा चौराहे से सिद्धगिरीबाग जाने वाले मार्ग पर रोप-वे के टावर खड़े किए जा रहे हैं।
रोप-वे के निर्माण को लेकर टावर खड़ा करने का काम चल रहा है। सिगरा चौराहे से सिद्धगिरीबाग जाने वाले मार्ग पर 25 मीटर की ऊंचाई पर सीमेंट के बेस पर स्टील के बड़े-बड़े टावर खड़े किए जा रहे हैं। इन्हें एक दूसरे से जोड़ने के लिए नट बोल्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
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कैंट, काशी विद्यापीठ और गोदौलिया में रोप-वे स्टेशन से जुड़े निर्माण कराए जा रहे हैं। पहले चरण का काम मार्च 2025 तक पूरा किया जाना है। अधिकारियों के आगमन के मद्देनजर रोप-वे के कार्य को युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। टावर खड़ा करने के लिए बड़े- बड़े क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। रात में रास्ता बंद करके काम कराया जा रहा है।
रोप-वे के बनने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन से विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट जाना आसान हो जाएगा। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। रोप-वे के गंडोला को दशाश्वमेध प्लाजा पर लोगों को देखने के लिए रखा गया है। एनएचएमएल के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखकर रोप-वे के टावर खड़े किए जा रहे हैं।