कैंट से गोदौलिया कितनी देर में पहुंचेंगे किराया कितना होगा, क्या सामान ले जा सकेंगे?
15 से 16 मिनट में पहुंच जाएंगे। किराया 50 रुपये है। अलग-अलग स्टेशनों के बीच किराया 10 रुपये से शुरू होगा। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड है तो 20 फीसदी की छूट मिलेगी। सात किलो वजन का सामान एक व्यक्ति ले जा सकेगा। उससे ज्यादा सामान है तो अलग से एक और टिकट लेना होगा। कैंट रोपवे स्टेशन पर लॉकर की व्यवस्था भी रहेगी।
बिजली गई या गंडोला रुका तो क्या होगा? जनरेटर बैकअप रहेगा। फिर भी कोई तकनीकि दिक्कत आई तो रोप वे सबसे नजदीकि स्टेशन तक पहुंच जाएगा। जहां से लोगों को उतारा जा सकेगा। कंट्रोल रुम से हर पोल, हर गंडोला की निगरानी होगी।
तेज हवा में रोपवे चलेगा?
60 किलोमीटर प्रति घंटे की लिमिट तय है। इससे ऊपर हवा बही तो गंडोला खुद ब खुद रुक जाएगा। और फिर नजदीकी स्टेशन पहुंच जाएगा। गंडोला की अधिकतम गति 6 मीटर प्रति सेकंड यानी करीब 21.6 किलोमीटर प्रति घंटे है।
सबसे अच्छा व्यू कहां से मिलेगा?
गिरिजाघर से काशी की ऐतिहासिक गलियां, मंदिरों के शिखर दिखाई देंगे। वरना रास्तेभर छतों पर काशी की कला-संस्कृति से जुड़ी पेंटिंग होंगी।
पूजा मिश्रा, रोपवे परियोजना निदेशक
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारी बोले
रोपवे हर दिन 16 घंटे काम करेगा। इसमें यूरोपीय सुरक्षा मानकों के मुताबिक उपकरण लगाए गए हैं और स्विट्जरलैंड के इंजीनियरों की निगरानी में काम कराया गया है। कई-कई बार सुरक्षा जांच की गई है।
-पूजा मिश्रा, रोपवे परियोजना निदेशक