मुख्य आरोपी आकाश सेठ का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ वाराणसी और जौनपुर के विभिन्न थानों में छह मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, मारपीट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। आशीष मौर्य के खिलाफ भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आयुध अधिनियम के तहत एक मामला भी शामिल है। अमित कुमार के खिलाफ भी दो मामले दर्ज हैं।
पुलिस इन सभी के आपराधिक रिकॉर्ड की आगे जांच कर रही है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। प्रद्युम्न यादव ने गोविंद मौर्य को और आशीष मौर्य ने आकाश सेठ को व्यापारी के आने-जाने के समय की जानकारी दी थी। घटना से पहले बाकायदा रेकी की गई थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
27 जून की रात चौक के सौराकुआं निवासी आभूषण व्यवसायी अमित कुमार सर्राफ ने चेतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह नदेसर से अपने एक मित्र से पांच लाख रुपये लेकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। अगले दिन जमीन की रजिस्ट्री होनी थी, इसलिए उन्होंने मित्र से उधार रकम ली थी।
तेलियाबाग स्थित एक रेस्टोरेंट के पास पहुंचते ही दो बाइकों से आए चार युवकों ने असलहा सटाकर स्कूटी में आगे रखा झोला लूट लिया।चेतगंज इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला और रामनगर इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा की टीम को सूचना मिली कि लूटकांड का आरोपी आकाश सेठ रामनगर के भीटी से राल्हूपुर बंदरगाह मार्ग के रास्ते भागने की फिराक में है। इस पर टीम ने घेराबंदी की।
पुलिस से घिरता देख आकाश सेठ ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। इस बीच पांडेयपुर चौकी प्रभारी विकास मिश्रा, चेतगंज थाने के दरोगा वैभव शुक्ला, विकल शांडिल्य समेत अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने दूसरे आरोपी आशीष मौर्य समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 25 हजार देने की घोषणा की है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान शुरू की गई। एआई तकनीक का भी सहारा लिया गया। रूट पर लगे लगभग 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें बुलेट सवार आकाश सेठ की पहचान हुई। इसके बाद अन्य आरोपियों को भी चिह्नित कर लिया गया। - शुभम कुमार सिंह, एसीपी चेतगंज
...तो महज पांच लाख रुपये के लिए 10 सदस्यों के गिरोह ने उठाया इतना जोखिम
पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर लूटकांड का खुलासा तो कर दिया लेकिन महकमे में यह चर्चा रही कि क्या पांच लाख रुपये की लूट के लिए 10 लोगों की टीम इतना बड़ा जोखिम उठाएगी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि लूटी जाने वाली रकम अधिक होने की आशंका के कारण इतनी बड़ी योजना बनाई गई थी। मुठभेड़ में गिरफ्तार गिरोह का सरगना आकाश सेठ पीड़ित सराफा व्यवसायी अमित कुमार का पूर्व परिचित था। उसे मालूम था कि अमित कुमार अक्सर बड़ी रकम लेकर आवाजाही करता है। आकाश सेठ ने लूटकांड को अंजाम देने के लिए दो टीमें बनाई थीं। पहली 'ए' टीम में आशीष मौर्य, प्रद्युम्न यादव और गोविंद मौर्य थे, जबकि दूसरी 'बी' टीम में आकाश सेठ, अमित कुमार, सिपाही उर्फ विजय यादव और आकाश यादव शामिल थे। दोनों टीमों का उद्देश्य लूटकांड को अंजाम देना था। इस मामले में जौनपुर के एक हिस्ट्रीशीटर का भी नाम सामने आया है। इसके अलावा नदेसर निवासी आपराधिक प्रवृत्ति के दो अन्य लोगों का नाम भी प्रकाश में आया है। पुलिस की टीमें अभी दो से तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हैं।