पिछले दिनों यह भी तय किया गया था कि रक्षा संपदा की इस 160 एकड़ भूमि पर किसी भी तरह के अवैध निर्माण, अतिक्रमण और मानचित्र स्वीकृति के मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधान लागू होंगे। मानचित्र स्वीकृत कराने से पहले भू-स्वामी को रक्षा मंत्रालय और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में होने वाले अतिक्रमण और अवैध निर्माण को हटाने तथा उन्हें नियंत्रित करने का अधिकार नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के पास रहेगा। भूमि के उपयोग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले रही अस्पष्टता को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में विकास कार्यों के लिए रक्षा संपदा विभाग से पत्राचार किया गया है। उनका कहना है कि भूमि से जुड़े विषयों का समाधान होने के बाद शहर में एकीकृत विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। इससे पार्किंग, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध हो सकेगी।