मणिकर्णिका घाट से दशाश्वमेध के बीच नाविकों, अंतिम संस्कार कराने वालों की दबंगई और मारपीट के आरोप के 12 मामले पुलिस ने दर्ज किया। जबकि कई मामले तो पुलिस तक पहुंचे ही नहीं। मणिकर्णिका घाट पर पिता के अंतिम संस्कार में आए बेटे की पिटाई का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया है।
अराजकतत्वों को चिह्नित करने के साथ ही पूर्व में मारपीट के रिकॉर्ड का खंगाल रही है। गश्त बढ़ाने के साथ ही दबंगई करने वालों का सूची तैयार कर ठोस कार्रवाई करेगी। एलआईयू को इस दिशा में निर्देशित किया गया है। एलआईयू भी घाटों पर नजर रखेगी।
पुलिस ने किया था आरोपियों को गिरफ्तार।
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नाविकों और दुकानदारों की सूची तैयार करने की भी योजना
पुलिस के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार कराने आए लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। हर चौथे दिन ऐसी शिकायत चौकी व थाने पर पहुंचती है लेकिन लोग कार्रवाई न चाहते हुए लौट जाते हैं। इसमें बड़ी संख्या पर्यटकों की भी है। लेकिन अब घाट पर सक्रिय रहने वाले लोगों की गतिविधियों और पुराने मामलों की जानकारी जुटाने में पुलिस जुट गई है।
अंतिम संस्कार कराने वाले, नाविकों और दुकानदारों की सूची तैयार करने की भी योजना है, ताकि घाट पर आने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों की पहचान की जा सके। पुलिस की सख्ती केवल मणिकर्णिका घाट तक सीमित नहीं रहेगी। हरिश्चंद्र घाट पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा अस्सी, नमो और दशाश्वमेध घाट पर पर्यटकों तथा आम लोगों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
अस्सी घाट पर पर्यटकों और आम लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यहां एक साल में मारपीट की करीब 210 घटनाएं हुईं, जिनमें 10 मामले दर्ज हुए वहीं चौक और दशाश्वमेध में 20 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई। नमो घाट पर भी हर महीने मारपीट की घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज होती है। मणिकर्णिका और दशाश्वमेध घाट पर भी पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें आए दिन मिलती रहती हैं।
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार कराने के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस निगरानी बढ़ाई जाएगी। अंतिम संस्कार कराने वालों, नाविकों और दुकानदारों की सूची तैयार की जाएगी। पुराने मुकदमों और शिकायतों के आधार पर अराजकता फैलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - गौरव बशंवाल, डीसीपी काशी जोन