धर्म, कला और संस्कृति की नगरी है काशी
बनारस देश की सांस्कृतिक राजधानी है। धर्म, कला और संस्कृति की नगरी होने के कारण देश और विदेश से पर्यटकों का आगमन होता रहता है।
समस्याएं
-वायु प्रदूषण
-सीवर
-सड़क
-पेयजल
नागरिकों की सहभागिता भी है जरूरी
आर्किटेक्ट आरसी जैन ने बताया कि किसी भी शहर में रहने के लिहाज से यातायात, सुनियोजित विकास, सुनियोजित रहन-सहन और विकास कार्यों में नागरिकों की सहभागिता बेहद आवश्यक होती है। बनारस में ट्रैफिक की समस्या गंभीर है। गलियों के शहर में सुनियोजित ढंग से विकास नहीं हो सका है। शहर में ग्रीन एरिया का अभाव होने के कारण नागरिकों को दूषित वातावरण का सामना करना पड़ता है।
बड़े शहरों में लिविंग एरिया और बिजनेस एरिया अलग-अलग होते हैं लेकिन बनारस में इसका अभाव है। बात करें स्वास्थ्य सुविधाओं की तो नागरिकों को यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं पर विश्वास नहीं है। कई महत्वपूर्ण कारणों से बनारस इज आफ लिविंग की रैकिंग में पिछड़ा है।