वाराणसी के कैंट थाना के सर्किट हाउस में शनिवार की शाम मजदूरों के विवाद में बेटे को बचाने आगे आए राजगीर मिस्त्री की साथी मजदूर ने कैंची घोंपकर हत्या कर दी। निर्माणाधीन मल्टी लेवल पार्किंग में राजगीर मिस्त्री के गर्दन पर कैंची से प्रहार करने वाले आरोपी मजदूर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मौके पर पहुंचे सीओ कैंट ने वारदात स्थल का मौका मुआयना करते हुए सुपरवाइजर धर्मेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
सर्किट हाउस में मल्टी लेवल पार्किंग सहित मीटिंग हाल का निर्माण चल रहा है। बड़ी संख्या में गाजीपुर के मजदूर काम कर रहे हैं। इसमें गाजीपुर जिले के हंसराजपुर, पैतिहा गांव निवासी रामलक्ष्मण राम 49 वर्ष भी राजगीर मिस्त्री पर काम कर रहा था। पांच दिन पूर्व रामलक्ष्मण का बेटा सुनील भी मजदूरी के लिए सर्किट हाउस पहुंचा और काम करने लगा।
साजियाबाद का निवासी सन्नी और नंदगंज के गिरधारी के बीच पांच दिनों पूर्व किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें रामलक्ष्मण के पुत्र सुनील ने बीच-बचाव करते हुए सन्नी को गिरधारी कुशवाहा से बचाया था। इसी बात को लेकर गिरधारी और सुनील के बीच में ठन गई थी। आरोप है कि पांच दिनों से सुनील को सबक सिखाने के लिए गिरधारी ताक में था, शनिवार की शाम करीब छह बजे मौका मिलने पर गिरधारी हाथ में कैंची लेकर सुनील पर वार करने के लिए दौड़ा, तो वहीं पास में खड़े पिता राम लक्ष्मण ने बेटे सुनील को बचाने के लिए खुद ढाल बनते हुए आगे आ गए।
सर्किट हाउस में निर्माणाधीन कार्यों को लेकर कोई जांच-पड़ताल नहीं की जा रही है। हादसे के बाद अलर्ट हुई कैंट पुलिस ने सुपरवाइजर धर्मेंद्र सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। लेबर सप्लाई करने वाले ठेकेदार अमित चौधरी से भी पूछताछ में पुलिस जुटी रही।