विश्व प्रसिद्ध काशी के घाट की ठाट जल्द बदली नजर आएगी। गंगा में अस्सी से राजघाट के बीच क्रूज के संचालन को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। हफ्ते भर में प्रमुख घाटों पर जेट्टी भी लगा दिया जाएगा।
घाटों की छटा के और भव्य बनाने के लिए पंडों को छतरियां बांटी जाएंगी। विदेश से क्रूज की डिजाइन मंगाई गई है, इसके फाइनल होने के बाद कुछ महीनों में ही यह ‘पायलट प्रोजेक्ट’ मूर्तरूप ले लेगा।
एक क्रूज पर 12 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसके संचालन की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब राज्य पर्यटन विभाग का प्रयास है कि जल्द से जल्द बाकी तैयारियां पूरी की जाएं। पहले अस्सी से राजघाट के बीच एक क्रूज चलाया जाएगा। उसके बाद दूसरे क्रूज के संचालन की भी तैयारी है।
क्रूज से न सिर्फ गंगा की सैर और सुहानी होगी बल्कि सैलानियों को एक अलग अहसास भी होगा। पर्यटक क्रूज की ग्रुप बुकिंग भी करा सकेंगे। ग्रुप बुकिंग पर वे इससे रामनगर और चुनार तक की सैर भी कर सकेंगे।
सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो
सारनाथ
इसके लिए वन विभाग और आईडब्ल्यूएआई को भी पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई है। घाटों से क्रूज पर आने-जाने के लिए दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, राजघाट और शीतला घाट पर हफ्ते भर में जेट्टी लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
68 लाख की इस योजना के अंतर्गत प्रमुख घाटाें पर पंडों को छतरियां भी बांटी जाएंगी। जेट्टी लगाने में निजी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।
अस्सी से राजघाट के बीच क्रूज से घाटों पर लेजर लाइट डाली जाएगी और संबंधित घाटों की महत्ता, उनकी खासियतों के बारे में विभिन्न भाषाओं में सैलानियों को जानकारी दी जाएगी। इस दौरान गंगा और काशी के इतिहास से भी सैलानी रूबरू हो सकेंगे।
सारनाथ में धमेख स्तूप के पास लाइट एंड साउंड शो सिस्टम के इंस्टालेशन का काम शुरू हो गया है। इसके चालू होने के बाद सैलानी यहां रंगबिरंगी लेजर लाइटों के बीच धमेख स्तूप की भव्यता निहार सकेंगे तथा भगवान बुद्ध का जीवन वृत्तांत और सारनाथ का माहात्म्य सुन सकेंगे।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र मिश्रा ने कहा कि नए वर्ष में सैलानियों के दो से तीन रात ठहराव के लिए पर्यटन विभाग कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। क्रूज को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो को भी जल्द से जल्द शुरू कराने की तैयारी है।