वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना में नवंबर माह 40 विद्युत रेल इंजन का निमाण हुआ। इसी के तहत मंगलवार को दो रेल इंजन आकाशदीप और दीपशक्ति एक साथ रवाना हुए। इस उपलब्धि पर रेलवे बोर्ड की ओर से बरेका को डेढ़ लाख नकद पुरस्कार की घोषणा की गई।
39वें विद्युत रेल इंजन दीपशक्ति 6000 हार्स पावर का लोकार्पण रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव, ट्रैक्शन व रोलिंग स्टाक के सदस्य राजेश तिवारी ने मंगलवार को वीडियो कांफे्रंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर की। इसी के साथ ही 40वें रेल इंजन आकाशदीप भी रवाना किया गया। देव-दीपावली के उपलक्ष्य पर इन रेल इंजनों का नाम दीपशक्ति और आकाशदीप रखा गया है।
महाप्रबंधक अंजली गोयल ने इंजन की खासियतों के बारे में बताया कि चालक दल को बेहतर सुविधा देने के लिए इंजन में चालक केबिन को बड़ा और वातानुकूलित की भी सुविधा दी गई है। जीएम ने बताया कि बरेका ने 39वें इंजन का उत्पादन कर अपने ही रिकार्ड की बराबरी की। नवंबर 2019 के अंत तक 168 रेल इंजन निर्माण हुए थे, जबकि इस साल कोरोना काल में नवंबर माह तक बरेका ने 169 इंजन का निर्माण कर लिया।