पुलिस के अनुसार, देह व्यापार को संचालित दोनों महिलाएं कर रही थीं। जिसमें एक मकान मालकिन हैं। देह व्यापार की सूचना एक एनजीओ के माध्यम से एसीपी तक पहुंची थी। एसीपी ने पुलिसकर्मी को मौके पर ग्राहक बनाकर भेजा गया। वहां ग्राहक बने पुलिसकर्मी से पांच हजार रुपये की मांग की गई।
पुलिसकर्मी ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की टीम तैयार कर मकान पर छापा मारा गया और गिरफ्तारी की गई। स्थानीय लोगों का आरोप था कि मकान में बाहरी लोगों और महिलाओं का लगातार आना-जाना रहता था। सूचना थाना और पांडेयपुर चौकी पुलिस को भी दी थी। कार्रवाई न होने पर लोगों ने एक एनजीओ से संपर्क किया।
एनजीओ की ओर से एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय को सूचना दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही मकान में अफरा-तफरी मच गई। तलाशी के दौरान अलग-अलग कमरों से नाबालिग, दो युवतियां और दो युवक मिले। पुलिस ने दोनों संचालिका को भी मौके से पकड़ लिया।
पूछताछ में जानकारी मिली है कि मकान में कथित तौर पर पहले ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और सौदा तय होने के बाद युवतियों को बुलाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। युवतियों को कहां-कहां से बुलाया जाता था। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि संचालिका का एक मकान सोयेपुर में भी एक मकान है, जहां वह रहती हैं। नई बस्ती के मकान में कार्रवाई के दौरान वह खुद मिली।
देह व्यापार की सूचना पर दबिश दी गई। मौके पर एक नाबालिग, संचालिका और दो ग्राहकों को गिरफ्तार पकड़ा गया। सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। नाबालिग की बरामदगी के मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। - अपूर्व पांडेय, सहायक पुलिस आयुक्त कैंट