साथ ही अधिग्रहण के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। अधिसूचना में सामाजिक प्रभाव आकलन के लिए सरकारी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और पात्र गैर सरकारी संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव जमा करना होगा।
इसके बाद चयनित एजेंसी मौके पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। योजना से माल परिवहन को सुगम बनाने और बंदरगाह की रेल कनेक्टिविटी विकसित करने का लक्ष्य है। तय नहीं है कितनों को मुआवजा दिया जाएगा।