वाराणसी के संकटमोचन मंदिर को बम धमाके में उड़ाने की धमकी भरी चिट्ठी में जिस जमादार मियां और अशोक यादव का नाम लिखा था, उन दोनों को बिहार के मधुबनी से लेकर लंका पुलिस की टीम शुक्रवार को वाराणसी पहुंची। दोनों की हैंड राइटिंग का मिलान कराया गया और तकरीबन छह घंटे तक अलग-अलग टीमों ने पूछताछ की।
सामने आया कि अशोक की उसके गांव निवासी एक बुजुर्ग से जमीन विवाद की रंजिश है। अशोक और जमादार दोनों दोस्त हैं और दोनों की दुकान अगल-बगल है। इसी रंजिश के कारण गुजरात में रहने वाले बुजुर्ग के बेटे और दामाद पर धमकी भरी चिट्ठी भेजने की पुलिस ने आशंका जताई है। बुजुर्ग को शहर लाकर पूछताछ करने के लिए लंका पुलिस की एक टीम मधुबनी फिर रवाना की गई है।
संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्रा को तीन दिसंबर की शाम साधारण डाक से आई चिट्ठी मिली। चिट्ठी में संकटमोचन मंदिर को उड़ाने की धमकी के साथ ही जमादार मियां व अशोक का नाम और एक मोबाइल नंबर लिखा था। सर्विलांस की मदद से मोबाइल नंबर की तस्दीक कर पुलिस जमादार और अशोक तक पहुंच गई।
दोनों से लंका थाने में पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा एटीएस की टीम ने भी पूछताछ की। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जमादार और अशोक दोनों ही बेहद सामान्य परिवार के हैं। दोनों के आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं मिली है और वो अपने घर पर ही थे। दोनों से पूछताछ जारी है और उनकी जिससे जमीन विवाद की रंजिश है, उसे लाने के लिए पुलिस की एक टीम बिहार रवाना की गई है।