बनारस में राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर खजुरी में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने मंगलवार की देर रात नौ कंटेनर से 641 मवेशी बरामद किया। पुलिस ने कंटेनरों से 30 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से डेढ़ लाख रुपये और डेढ़ दर्जन मोबाइल बरामद कर पुलिस टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं।
हाल ही में मिर्जामुराद थाने के थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह को पशु तस्करी में संलिप्तता के मामले में निलंबित किया गया था और यहीं के सिपाही हैदर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बुधवार की शाम बताया कि मिर्जामुराद थाने के दरोगा रामप्रकाश यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मवेशी लदे कुछ ट्रक बिहार से उन्नाव की ओर जा रहे हैं। दरोगा ने पुलिस टीम के साथ खजुरी में घेरेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की।
इसके बाद एक-एक कर नौ कंटेनर से 641 मवेशी बरामद हुए। इनमें से 100 मवेशियों की मौत हो गई थी। कंटेनरों में केबिन बनवा कर मवेशियों को ठूस कर भरा गया था। गिरफ्त में आए आरोपी कानपुर, कौशांबी, फतेहपुर और इलाहाबाद सहित अन्य जिलों के रहने वाले हैं।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपियों से पशु तस्करी में संलिप्त गिरोह के सरगना और सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सभी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पूछताछ पूरी होने के बाद गुरुवार को सभी को जेल भेजा जाएगा।
...और रामनगर, लंका, रोहनिया की पुलिस को नहीं लगी भनक
641 मवेशियों को ठूसे हुए सात कंटेनर और दो ट्रक जिले के रामनगर, लंका और रोहनिया थाने की सीमा पार कर गए लेकिन इन तीनों थानों की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जबकि इस बीच हाईवे पर रामनगर थाने की एक पुलिस चौकी, लंका थाने की एक पुलिस चौकी और रोहनिया थाने की अमरा अखरी पुलिस चौकी व राजातालाब पुलिस चौकी है।
इस बीच जगह-जगह पुलिस पिकेट है और रात में पेट्रोलिंग भी होती है। इससे यह साफ साबित होता है कि हाईवे के किनारे स्थित थानों और चौकियों पर तैनात पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से ही पशु तस्कर मनमानी पर उतारू हैं।
पशु तस्कर तस्करी के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते रहते हैं। कभी लग्जरी वाहन तो कभी डाक पार्सल लिखे कंटेनर या फिर पेट्रोल-डीजल के टैंकरों का इस्तेमाल करते हैं। पशुओं से भरे वाहनों के आगे तस्करों के छोटे वाहन चलते हैं जो चालकों को आगाह करते हैं कि कहां रुकना है और रास्ता साफ होने का इंतजार करना है। वहीं,
जिले की पुलिस की हुई खासी किरकिरी
पशु तस्करी से संबंधित एक ऑडियो क्लिप बीते महीने व्हाट्स ऐप पर वायरल हुई थी। इसे लेकर जिले की पुलिस की खासी किरकिरी हुई थी। इसके बाद बीते हफ्ते मिर्जामुराद थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह को निलंबित किया गया और यहीं के सिपाही हैदर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पशु तस्करों और पुलिस का गठजोड़ कुछ इस तरह का है कि इन दिनों मवेशियों की तस्करी के लिए कोलकाता को नई दिल्ली से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग दो सबसे सुरक्षित रूट बन गया है। इस वजह से हाईवे किनारे के थानों और चौकियों पर तैनात होने के लिए पुलिस कर्मियों में होड़ सी लगी रहती है और ऊंची पैरवियों के सहारे तैनाती मिलती है।
वहीं, मिर्जामुराद थाने में चर्चा रही कि यहां की पुलिस ने दो साल में जितने मवेशियों को नहीं बरामद किया है उससे ज्यादा मवेशी एक दिन में बरामद कर कीर्तिमान रच दिया है।