भरत मिलाप के दौरान यादव बंधुओं व पुलिस के बीच झड़प
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पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठी भांजनी शुरू कर दिया। इसके बाद तो भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कुछ लोग रथ के नीचे भी आ गए। इसमें कई यादव बंधुओं और श्रद्धालुओं को भी चोट आ गई। बेकाबू भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को भी तोड़ दिया। इसी दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री के पुत्र को भी पुलिस ने रोक दिया और उनके बीच भी हाथापाई हुई।
लीला व्यवस्थापक पं. मुकुंद उपाध्याय ने बताया कि पश्चिमी गेट पर जिस अधिकारी की ड्यूटी थी उसकी लापरवाही से ही यह घटना हुई है। तीन दिन पहले पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में तय हुआ था कि पूर्वी गेट से आम जनता और पश्चिमी गेट से भगवान का रथ लेकर यादव बंधु आएंगे। बावजूद इसके पुलिस ने लाठी भांजी जिसमें कई लोग घायल हो गए। जिस अधिकारी की ड्यूटी वहां थी उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
लाठीचार्ज मामले की समाजवादी पार्टी ने कड़ी निंदा की है। सयुस के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित ने कहा कि हिंदुत्ववादी सरकार का ढोंग उजागर हो गया। नकाब उतर गया। चन्द्रवंशी गोप सेवा समिति ने भी भरत मिलाप के दौरान पुलिस के लाठी भांजने की निंदा की है। अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने कहा कि नाटी इमली भरत मिलाप के दौरान पुलिस ने यादव बंधुओं को रोका। घटना की तत्काल प्रभाव से जांच करवा कर उचित कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भरत मिलाप में यादव बंधुओं पर पुलिस द्वारा लाठी भांजने की घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि 481 साल पुरानी लीला में रामभक्तों पर लाठी बरसाने की घटना दुखद है। मैं 30 साल से अनवरत इस लीला का साक्षी बन रहा हूं, लेकिन लाठीचार्ज की घटना पहली बार हुई है। इस घटना के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।