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मुकदमों की विवेचना में हद दर्जे की मनमानी कर रही वाराणसी पुलिस, ये मामला तो हैरतअंगेज

Fri, 21 Dec 2018 11:44 AM IST
utpal utpal पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
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यूपी पुलिस
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वाराणसी के थानों में दर्ज मुकदमों की विवेचना में पुलिस हद दर्जे की मनमानी कर रही है और पर्यवेक्षण अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। विवेचना में पुलिस के खेल से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। जेल में निरुद्ध पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और सलमान मलिक उर्फ अन्ना पर दर्ज मुकदमे में बरती गई लापरवाही से सीख न लेते हुए इंस्पेक्टर भेलूपुर प्रवीण कुमार ने गुरुवार को अपने मन की करने की कोशिश की। 
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पढ़ेंः इनामी बदमाश का अपराध अदालत को नहीं बता सकी पुलिस, वाराणसी एसएसपी ने लिया एक्शन

हत्या और घरेलू हिंसा के आरोप में दर्ज मुकदमे के आरोपी शशिकांत वर्मा को इंस्पेक्टर भेलूपुर ने अदालत में पेश किया। इस दौरान उन्होंने अदालत से आरोपी की रिमांड आत्महत्या के लिए दुष्प्रेषण और घरेलू हिंसा के आरोप के तहत मांगी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने इस पर इंस्पेक्टर भेलूपुर को जमकर फटकारा।
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साथ ही इंस्पेक्टर की मांग खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी की रिमांड दर्ज मुकदमे की धाराओं के आधार पर ही स्वीकृत किया जाएगा। दीवानी कचहरी परिसर में यह प्रकरण चर्चा का विषय बना रहा। अधिवक्ताओं का कहना था कि एफआईआर और चश्मदीद गवाह के बयान को दरकिनार कर आखिरकार पुलिस ऐसे कैसे मनमानी कर सकती है।
 
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यह है मामला

वाराणसी के भेलूपुर थाने में बीती 23 जनवरी को सरायनंदन खोजवा निवासी शशिकांत वर्मा, उसके भाई और मां-बाप पर चंदौली के मुगलसराय थाना के कालीमहाल निवासी ओम प्रकाश सेठ ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी रानी को प्रताड़ित कर पति शशिकांत और ससुराल के अन्य लोगों ने हत्या कर दी। भेलूपुर थाने में प्रकरण की सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीजेएम कोर्ट में गुहार लगाई। अदालत के आदेश पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने तफ्तीश शुरू की।
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बेटी के बयान से फंसे विवेचक

यूपी पुलिस
केस डायरी के अनुसार, शशिकांत की बेटी और मुकदमे की चश्मदीद गवाह समृद्धि ने विवेचक को बयान दिया था कि जिस दिन उसकी मां की मौत हुई उससे एक दिन पहले मां-पापा में झगड़ा हुआ था। पापा से मां बोल नहीं रही थी। मां के लिए पापा लस्सी पैक करा कर घर लाए तो उन्होंने कहा कि बाद में पियूंगी।

खाना खाने के बाद जब सब सोने लगे तो पापा, चाचा, दादी और दादा ने मम्मी को जबरदस्ती लस्सी पिलाई। सुबह मम्मी के मुंह से झाग निकल रहा था और अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई। अदालत ने इस बयान के आधार पर ही विवेचक को जमकर फटकारा।

कहा कि एफआईआर और चश्मदीद गवाह के बयान से यह स्पष्ट है कि पीड़िता को लस्सी पिलाने में जबरदस्ती की गई। इसलिए जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उन्हीं के आधार पर आरोपी की रिमांड मंजूर की जाएगी।
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