कर्ज लिए गए रुपये चुकाने में खुद को असमर्थ देख वाराणसी के व्यक्ति ने एक लाख की लूट की झूठी कहानी रची और थाने पहुंच गया। थानाध्यक्ष ने मौका मुआयना करने के साथ ही विकास से पूछताछ की तो मामला उलझता चला गया।
आखिरकार असलियत सामने आई और पुष्ट हुआ कि लूट नहीं हुई है तो लंका थाना अंतर्गत नेवादा निवासी विकास पटेल और उसके दोस्तों महमूरगंज निवासी धनजंय मौर्या और लंका निवासी भानू यादव को गिरफ्तार पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया।
मंडुवाडीह थाने पर सोमवार की शाम विकास पटेल ने सूचना दी कि ककरमत्ता पुल पर असलहे से लैस बदमाशों ने उससे एक लाख रुपये लूट लिया है। छीनाझपटी में पुल पर उसकी बाइक गिर गई।
सूचना पर मंडुवाडीह थानाध्यक्ष संजय त्रिपाठी ककरमत्ता पुल पर पहुंचे। विकास की हरकतें और बार-बार बदलते बयानों से उन्हें उस पर शंका हुई तो उन्होंने पूछा कि रुपये कहां से मिले थे। विकास ने धनंजय और भानू का नाम बताया तो थानाध्यक्ष ने विकास से फोन कराकर दोनों को बुलाया।
विकास, धनंजय और भानू से अलग-अलग पूछताछ की तो सामने आया कि लूट नहीं हुई है। विकास की साजिश में शामिल होकर धनंजय और भानू ने उसके पक्ष में गवाही दी है।
कड़ाई से पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो विकास ने बताया कि वह जमीन खरीद-फरोख्त की दलाली करता है। कई लोगों से कर्ज ले रखा है और मौजूदा समय में चुकाने में असमर्थ है। उसे लगा कि लूट की कहानी रच देगा तो कर्जदार उसे कुछ रियायत दे देंगे। इस संबंध में थानाध्यक्ष मंडुवाडीह ने बताया कि तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।