अब उपनिरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा मार्किंग प्रणाली के आधार पर होगी। नई व्यवस्था के तहत 100 अंकों की मार्किंग प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, प्रार्थना पत्रों के समाधान, अपराध नियंत्रण, यातायात कार्रवाई और अवैध गतिविधियों पर अंक दिए जाएंगे।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी बनाए जाने में प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही दिन में 50 प्रतिशत पुलिस बल को प्रमुख चौराहों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात रखने तथा रात में ग्रामीण क्षेत्रों में 25 और शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत पुलिस बल को सक्रिय गश्त पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को रोहनिया थाने के निरीक्षण और लोहता व मंडुवाडीह थानों के अर्दली रूम के दौरान यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मार्किंग प्रणाली से पुलिसिंग में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नई व्यवस्था के तहत 60 दिनों के भीतर विवेचनाओं के निस्तारण पर 25 अंक, प्रार्थना पत्रों के संतोषजनक समाधान पर 25 अंक, एनबीडब्ल्यू में गिरफ्तारी पर 10 अंक, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई पर 10 अंक और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा जुआ, सट्टा, वेश्यावृत्ति, अवैध खनन और मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई के लिए 20 अंक दिए जाएंगे। पुलिस आयुक्त ने कहा कि विवेचना 60 दिन से अधिक लंबित न रहे और प्रत्येक प्राथमिकी में अनिवार्य रूप से यूनिक एसआईडी बनाया जाए। उन्होंने थानों में पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने को कहा।
प्रमुख मार्गों और बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और जाम, अतिक्रमण से निजात दिलाने का निर्देश दिया। नए आरक्षियों को प्रतिदिन छह घंटे इनडोर और छह घंटे आउटडोर प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण में सीसीटीएनएस, सीडीआर विश्लेषण, सीसी फुटेज परीक्षण, डीवीआर संचालन, ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली की जानकारी भी शामिल होगी।