बता दें कि इसके पहले शिवसेना के नेता अरुण पाठक ने शुक्रवार को ही बताया था कि 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे शिवसैनिक अस्सीघाट पर एकत्रित होकर वहां से तिरंगा जुलूस निकालेंगे। उन्होंने बताया कि माधवराव धरहरा पर तिरंगा फहराने के जुर्म में सन् 1995 और 1997 में हमको जेल भी भेजा गया और उसके बाद निरंतर हर स्वंतत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्वों पर हमें तिरंगा फहराने के जुर्म में गिरफ्तार किया जाता है।
आजादी भारत में तिरंगा झंडा फहराने पर गिरफ्तार किया जाना गुलाम मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति का परिचायक है। माधवराव धरहरा राष्ट्रीय धरोहर है हम वहां किसी धर्म विशेष का नहीं बल्कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति चाहते हैं। इस बाबत कई बार प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी और वाराणसी के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर वहां तिरंगा झंडा फहराने की अनुमति मांगी गयी।
लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिए जाने पर शिवसैनिक स्वयं देश के सम्मान की रक्षा के लिए वहां तिरंगा झंडा फहराएंगे। चाहे तिरंगा फहराने पर गिरफ्तार कर लिया जाये या जलियावाला बाग़ जैसे गोलियां चलवा दी जाये। हम भी अपनी शहादत देने को तैयार हैं।