डीसीपी ने बताया कि अब पुलिस गिरोह के सरगना तक पहुंचने के साथ ही पूर्वांचल के दूसरे जिलों में नेटवर्क और पूर्व की वारदात का ब्योरा जुटा रही है। पुलिस के अनुसार, नौ सितंबर को एक महिला ने काली माता मंदिर के पास ऑटो में सवार होते समय तीन महिलाओं पर ध्यान भटकाकर उसके गले से चेन निकालने का आरोप लगाया था।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से उस ऑटो की पहचान की गई, जिसमें संदिग्ध महिलाएं सवार थीं। पुलिस ने ऑटो चालक को भरोसे में लिया। उसे कहा गया कि संदिग्ध महिलाएं दोबारा ऑटो में बैठे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दे। चालक ने ऐसा ही किया। महिलाओं के दोबारा पहुंचने पर पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ लिया।
एक शहर नहीं, पूर्वांचल तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अलग-अलग जिलों में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों में फैले होने की बात सामने आई। पुलिस ने गिरोह के सरगना को चिह्नित कर लिया है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में कितनी महिलाएं शामिल हैं, किन-किन जिलों में इनका नेटवर्क सक्रिय है और वाराणसी में इससे पहले हुई कितनी घटनाओं में इनकी भूमिका रही है।
आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी में दर्ज हैं मामले
बैजनाथ बैजू पर लालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज है। सीमा के खिलाफ वाराणसी, जौनपुर और आजमगढ़ में कुल चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुसुम के खिलाफ जौनपुर, आजमगढ़ और वाराणसी में चार मामले हैं। पिंकी के खिलाफ जौनपुर व वाराणसी में कुल तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।