वाराणसी। कला प्रकाश की ओर से आयोजित परंपरा की ऑनलाइन शृंखला के दूसरे चरण को सितार वादन से विराम दिया गया। बनारस घराने के युवा कलाकार अंकुर मिश्र ने सितार के तारों पर रागों की मधुर अवतारणा से संगीत शृंखला का समापन किया। रविवार को अंकुर ने कार्यक्रम का आरंभ राग बिलासखानी तोड़ी में आलाप के साथ किया। इसके पश्चात इसी राग में रूपक एवं द्रुत तीन ताल में रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम का समापन राग भैरवी में भावपूर्ण धुन के साथ किया। तबले पर पंकज राय ने सहयोग किया। संयोजिका डॉ. अनुराधा रतूड़ी ने कलाकारों और श्रोताओं को धन्यवाद दिया। कला प्रकाश के अध्यक्ष अशोक कपूर ने बताया कि परंपरा की मासिक बैठक ऑनलाइन ही आयोजित करने का विचार है। पं. रविंद्र नारायण गोस्वामी परंपरा के संरक्षक हैं। 12 अप्रैल को शृंखला का एक वर्ष पूर्ण होने पर ऑनलाइन कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें 35 युवा कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।