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Varanasi News: गंगा में चलेंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक नावें, आईडब्ल्यूएआई कर रहा तैयारी; भारत सरकार को भेजी रिपोर्ट

Mon, 27 Jul 2026 01:50 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

गंगा में डीजल और सीएनजी से चलने वाली नावों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बनाने की तैयारी है। आईडब्ल्यूएआई ने नाविक संघ से चर्चा कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे और भविष्य में गंगा में केवल इलेक्ट्रिक नावों के संचालन की दिशा में काम होगा।
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गंगा में खड़ी नावें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा में पर्यावरण अनुकूल जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने गंगा में डीजल और सीएनजी से संचालित नावों व स्टीमर को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक इंजन में बदलने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। यदि योजना को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में गंगा में केवल इलेक्ट्रिक नावों का संचालन होगा।

आईडब्ल्यूएआई के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में गंगा में चलने वाली अधिकांश छोटी-बड़ी नावें और स्टीमर डीजल या सीएनजी से संचालित हैं। इन्हें धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक तकनीक में परिवर्तित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस संबंध में नाविक संघ के प्रतिनिधियों से भी चर्चा कर उनकी राय ली गई है और पूरी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है। मंजूरी मिलने के बाद गंगा किनारे इलेक्ट्रिक नावों के संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में गंगा में शामिल होने वाली नई नावों को भी इलेक्ट्रिक तकनीक आधारित बनाने की योजना है, ताकि जल परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके

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विभाग का मानना है कि इलेक्ट्रिक नावों के संचालन से गंगा में प्रदूषण कम होगा, ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी और पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता घटेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को देखते हुए भी जल परिवहन के विद्युतीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

हालांकि, डीजल और सीएनजी से चल रही नावों को इलेक्ट्रिक इंजन में बदलना नाव संचालकों के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में विभाग इस बदलाव के दौरान नाव मालिकों को किस प्रकार आर्थिक सहायता या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद योजना के क्रियान्वयन और सहायता संबंधी दिशा-निर्देश भी तय किए जाएंगे।

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