उन्होंने 20 हजार डालर अस्पताल को भेजनेे को कहा और 2000 डालर यात्रा से जुड़ी सेवाओं के लिए भी लिए।भारतीय वीजा प्राप्त होने के बाद 29 मई 2025 को वाराणसी पहुंचा।लेकिन अस्पताल में पुनर्मूल्यांकन के बाद मुझे बताया गया कि रोबोटिक सर्जरी संभव नहीं है और इसके स्थान पर कोई अन्य सर्जरी की गई। मेरे कई अनुरोधों के बावजूद मुझे अंतिम बिल उपलब्ध नहीं कराया गया।
तुर्कमेनिस्तान लौटने के बाद मालूम चला कि अस्पताल ने 635400 रुपये की राशि सूर्या प्रकाश नारायण को ऑनलाइन ट्रांसफर की। इसके अलावा 500000 नकद दिए। 70600 रुपये की टीडीएस राशि काटी गई। सभी लेन-देन मेरी जानकारी और सहमति के बिना किए गए।
सूर्या नारायण अब कोई उत्तर और बातचीत नहीं कर रहे हैं। शेष धनराशि 18 सितंबर 2025 तक लौटाने का वादा किया था। राशि के लिए दोबारा वाराणसी गया लेकिन वह नहीं मिले।आभास हुआ कि रोबोटिक सर्जरी के नाम पर धोखाधड़ी की गई। मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अजय राज वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच कराई जा रही है। विदेशी नागरिक ने सभी दस्तावेज दिए हैं।