सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के समाज वैज्ञानिक प्रो. एपी सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान की आवश्यकता है। उन्होंने समाजशास्त्र विषय की प्रासंगिकता को वर्तमान समय में रोजगारपरक और व्यावहारिक बनाने पर बल दिया। वह शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग में आयोजित विशिष्ट व्याख्यान में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कर्तव्य और ज्ञान ही प्रगति के मार्ग का माध्यम हैं।
विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के अनुप्रयोग से संबंधित विधि के विषय में जानकारी दी। अपने गुण, व्यवहार के सैद्धांतिक अनुप्रयोग को प्रगति और विकास के लिए जरूरी बताया। धन्यवाद ज्ञापन श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की समाजशास्त्र विभाग की प्रो. कुमुद सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. अमिता सिंह, डॉ. रामसेवक सिंह यादव, डॉ. दीप नारायण, डॉ. जयप्रकाश यादव, डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. मनीषा देवी, डॉ. संजय सोनकर, प्रियंका मौर्या, शिल्पी चौबे, नीता यादव, पूजा भारती, संगीता, पूनम वर्मा, स्मृति, नंदलाल, श्रीकांत, अरिहंत, सतीश गौतम सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।