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Varanasi News: गंगा में डूबने से युवक की मौत, कुटी घाट पर दर्दनाक हादसा; लोग बोले- सुरक्षा की कमी है यहां

Fri, 22 May 2026 09:43 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: मार्कण्डेय महादेव मंदिर स्थित कुटी घाट पर गंगा स्नान के दौरान 35 वर्षीय गणपत प्रजापति की डूबने से मौत हो गई। दोस्तों के साथ स्नान करते समय वह गहरे पानी में चले गए। स्थानीय गोताखोरों ने दो घंटे बाद शव बाहर निकाला। लगातार हो रहे हादसों के बाद ग्रामीणों ने घाट पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।
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युवक की लाश को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP Accident: चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित कैथी के प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव मंदिर के कुटी घाट पर शुक्रवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं स्थानीय लोगों ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

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मृतक की पहचान गणपत प्रजापति (35) पुत्र स्वर्गीय तिलकू प्रजापति निवासी जहांपुर सैदपुर भीतरी के रूप में हुई है। बताया गया कि गणपत अपने दो दोस्तों सतीश प्रजापति और चंदन प्रजापति के साथ सुबह करीब पांच बजे मार्कण्डेय महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे। पूजा के बाद तीनों गंगा स्नान करने कुटी घाट पर गए। इसी दौरान स्नान करते समय गणपत का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चले गए। साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घटना की सूचना मिलते ही कैथी चौकी प्रभारी पवन राय मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद युवक का शव गंगा से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

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परिजनों में मचा कोहराम

गणपत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह दो भाइयों में एक था। परिवार में पत्नी रेखा प्रजापति, पुत्र सत्यम और पांच वर्षीय पुत्री शिवांगी हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन से चार महीनों में कुटी घाट पर डूबने से सात से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। प्रतिदिन यहां सैकड़ों श्रद्धालु स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घाट पर एक सीमा तक पानी कम गहरा रहता है, लेकिन उसके आगे अचानक 25 से 30 फीट गहराई हो जाती है, जिससे लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों ने घाट पर चेतावनी बोर्ड, स्थायी गोताखोर और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
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