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Varanasi News: डॉ. भीमराव के प्रस्तावित सिद्धांत एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य पर आधारित है एसआईआर

Sun, 15 Mar 2026 01:12 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने एसआईआर पर हुई विचार गोष्ठी में इसके नियमों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से भारत देश का लोकतंत्री और मजबूत होगा। 
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान की ओर से दो दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां वक्ताओं ने चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में अपने विचार रखे। सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जनविश्वास और मजबूत होगा।

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विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य पर आधारित है। यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में सहायक होता है, क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।

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कहा- चुनाव आयोग के नियमों का करें समर्थन

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के कोई भी मतदाता न छूटे के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी। 

विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजकों, मीडिया, अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया।

विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता, उसके न्यायिक पक्ष और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके।
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