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Varanasi News: 10 जगहों पर सड़क की खोदाई, मरम्मत करना भूलीं एजेंसियां; लापरवाही से राहगीर परेशान

Sat, 10 May 2025 02:26 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं। विभागों के समन्वय के अभाव में जनता परेशानी झेल रही है। इस मार्ग पर चलने के बाद लोग हादसे का भी शिकार हो रहे हैं। एक ही स्थान पर कई बार सड़क को खोदे जाने से स्थानीय लोगों में गुस्सा भी है।
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सिगरा में खोदी गई सड़क। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समन्वय के अभाव में सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। शहर में दस से ज्यादा जगहों पर खोदाई की गई है। एजेंसियों की लापरवाही से राहगीरों को परेशानी हो रही है। आदमपुर के त्रिलोचन बाजार और मुकीमगंज में बिजली का तार डालने के लिए खोदाई की जा रही है। इससे यहां की सीवर लाइन भी ध्वस्त हो गई है और सीवर सड़क पर बह रहा है। सड़क की खोदाई से जाम भी लग रहा है। 

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इसी प्रकार के शहर कई हिस्सों में कार्यदायी संस्थाओं ने खोदाई कर रही है। सिगरा नगर निगम के पास पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई की गई है। इसके चलते जाम लग रहा है। ज्यादातर विभागों में समन्वय न होने से जनता को दिक्कत आ रही है। 

जैसे ही सड़क बनती है वैसे ही खोदाई करने वाले एजेंसियां आ जाती हैं। इसके बाद बनी बनाई सड़कें खोदाई के कारण खराब हो जाती हैं। सड़क खोदाई करने वालों में दूरसंचार कंपनियां, गैस, बिजली, पानी, सीवर डालने वाली एजेंसियां हैं। 
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इन लाइनों में अक्सर खराबी आती है। जिसे दुरुस्त करने के नाम पर सड़कों की खोदाई की जाती है। इस पर कोई अंकुश नहीं है। पिछले दिनों सिगरा पर एक ही सड़क को छह महीने में छह बार खोदा गया। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।

गुणवत्ता का नहीं रखा जाता ध्यान
सड़क की मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। दरअसल, सड़क बनाने वाली एजेंसियां गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देती हैं। पहले जब सड़क का निर्माण होता था तो सड़क की खोदाई की जाती थी। गिट्टी डालने के बाद सड़क का निर्माण होता था।

अब न कोई खोदाई की जाती है और न ही गिट्टी डाली जाती है। केवल सड़क के धूल को मशीन से उड़ाकर इस पर डामर की एक परत चढ़ा दी जाती है। इससे सड़कों में मजबूती नहीं आती है। यही कारण है बार-बार सड़कों की मरम्मत करानी पड़ती है।
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ट्रेंचलेस तकनीक का हो सकता है इस्तेमाल
जानकारों के अनुसार सड़क को खोदाई से बचाने के लिए ट्रेंचलेस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तकनीक में सड़क की खोदाई नहीं करनी पड़ती है। केवल दो किनारों पर खोदकर अंदर ही अंदर काम किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। सड़क की खोदाई करने के लिए पहले डायवर्जन प्लान बनता है। फिर रास्ता बंद करके खोदाई की जाती है।

बोले अधिकारी
सड़क खोदाई के संबंध में बैठक हुई थी। सभी एजेंसिंयों को समन्वय बनाने को कहा गया है। बिना अनुमति के सड़क खोदाई करने वालों पर कार्रवाई होगी। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी 
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