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Varanasi News: हद है...लाइसेंस एक का, चला रहे चार, अवैध नावों ने बढ़ा दिया गंगा में ट्रैफिक; 1217 ही रजिस्टर्ड

Sun, 11 Jan 2026 02:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा अभिषेक मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी की गंगा में नाविकों का मनमनापन चल रहा है। नाव की संख्या में बढ़ती जा रही है। नगर निगम ने 1217 नावों को ही लाइसेंस जारी किया है लेकिन गंगा में 3000 से ज्यादा नाव चल रही हैं।
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वाराणसी में 1217 नावों को ही लाइसेंस जारी किया गया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Nagar Nigam Varanasi: गंगा में डीजल नावों की संख्या बढ़ गई है। एक साल में इनकी संख्या 1500 हो गई है। इन नावों की संख्या पर कोई लगाम नहीं लग रही। लाइसेंस एक नाव का होने के बावजूद चार-चार नावों का संचालन नाविक कर रहे हैं। गंगा में प्रदूषण के साथ ही अनचाहा ट्रैफिक भी बढ़ रहा है। 

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गंगा में बेलगाम नावों की संख्या से आए दिन घटनाएं और मारपीट किसी भी दिन बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं। नौका विहार में बंपर कमाई के चलते कई और क्रूज गंगा में उतरने के लिए लाइन में खड़े हैं। नगर निगम की ओर से महज 1217 नावों को ही लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि संचालन 3000 नावों का हो रहा है।

ठंड आते ही घाटों और गंगा उस पार चहल-पहल बढ़ जाती है। गंगा में लोग नौकायान भी करते हैं। साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाना भी लोगों को खूब पसंद है। इसका लाभ नाविक भी उठा रहे हैं। सैलानियों से मनमाने किराये की वसूली की जा रही है, जबकि नगर निगम की ओर से रेट तय है।

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ट्रैफिक व ओवरलोडिंग से बढ़ रहीं घटनाएं : गंगा नदी में नावों की ट्रैफिक और सवारियों की ओवरलोडिंग के कारण आए दिन घटनाएं हो रही हैं। बीते दिनों मान मंदिर घाट के पास ओवरलोडिंग के कारण दो नावों की टक्कर से एक छोटी नाव पलट गई थी। 60 श्रद्धालु नदी में गिर गए थे। ऐसे ही नव वर्ष पर सवारी बैठाने को लेकर नाविकों में मारपीट हो गई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।

गेस्ट हाउस संचालकों को जाता है नौकायन का कमीशन
गंगा किनारे रोजाना लाखों सैलानी घूमने आते हैं, जिनमें से हजारों रोजाना नौकायन का आनंद लेते हैं। इन सैलानियों का ठहराव गंगा किनारे के होटल और गेस्ट हाउस में होता है। हालांकि, जब यात्री नौकायन के लिए घाट पर जाते हैं, तो नाविक उनसे मनमाना रेट वसूलते हैं। इसकी वजह यह है कि नाविकों को यात्रियों से वसूली किए गए पैसे का एक हिस्सा होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को कमीशन के तौर पर देना पड़ता है। 

गंगा किनारे सामनेघाट से नमो घाट तक हजारों गेस्ट हाउस और होटल संचालित हैं। रिवर व्यू के कारण ये स्थान महानगरों और विदेशों से आने वाले सैलानियों की पहली पसंद हैं।

जल पुलिस के प्रभारी निरीक्षक राज किशोर पांडेय ने बताया कि घाट पर आने वाले सैलानियों से कोई भी मनमानी वसूली न हो, इसका ध्यान दिया जा रहा है। किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम की ओर से कुछ घाटों पर रेट चार्ट लगाया गया था, इसे अपडेट करना जरूरी है।
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नाव के लाइसेंस को लेकर नाविकों के साथ बैठक कर उन्हें लगातार जागरूक किया जा रहा है। शुक्रवार को आवेदन के लिए पोर्टल खुलने की जानकारी दी गई है। इस महीने तक आवेदन करने को कहा गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - मनोज वर्मा, आरटीओ प्रवर्तन, वाराणसी
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