Varanasi News: वाराणसी जिले में गंगा में इफ्तार पार्टी करने और हड्डियां गंगा में फेंकने के आरोपियों की जमानत खारिज की गई। वहीं नाव संचालक ने बयान के आधार पर धारा भी बढ़ाई गई।
गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने के मामले में गिरफ्तार 14 युवकों की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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आरोपियों ने 16 मार्च कोतवाली थाना क्षेत्र के पंचगंगा घाट के पास गंगा में नाव पर इफ्तारी की थी। आरोप है कि बिरयानी खाने के बाद उसका अवशेष गंगा में फेंका था। इस मामले में भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, साथ ही प्रकरण का वीडियो उपलब्ध कराया था। पुलिस ने जांच के बाद 14 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। साथ ही नाव संचालक विनोद के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने नाव संचालक को धमकाकर जबरन नाव गंगा में लेकर गए और इन्कार करने पर धमकी दी थी, जबकि नाव संचालक बार-बार वहां जाने से इन्कार कर रहा था। बयान के आधार पर पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 308(5) की बढ़ोतरी की।