मनीष गुप्ता ने मोती झील महमूरगंज, सत्यम सिंह ने सुझाव दिया कि मूर्ति विसर्जन पश्चिम बंगाल के तर्ज पर, मूर्तियों को क्रेन से गंगा में विसर्जन करने के बाद क्रेन से वापिस निकाल लिया जाए। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।
धर्मेन्द्र सिंह टिंकू ने दुर्गाकुण्ड के सामने दयाल टावर के बगल में खाली भूमि पर, इन्ही की ओर से पद्मश्री चौराहे के पास कुरूक्षेत्र के तालाब में, अजय सिंह ने कमौली तालाब चिरईगांव में, हरीश शर्मा ने गंगा नदी के उस पार अस्थायी कुण्ड बनाकर मूर्ति विसर्जन करने हेतु सुझाव दिया गया है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा का कहना है कि दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन बिना असुविधा और पर्यावरणीय क्षति के कराया जाएगा। नागरिक अपने सुझाव अवश्य भेजें, ताकि सभी के सहयोग से इस परंपरा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से निभाया जा सके।
मेयर ने आम नागरिकों से की अपील
मेयर अशोक कुमार तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि शहर के प्राचीन कुंड संस्कृति और इतिहास की धरोहर हैं। इनका सौंदर्यीकरण कर इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी नागरिकों की भी है। विसर्जन से फैलने वाली गंदगी और जलीय जीवों को होने वाले नुकसान को देखते हुए निगम ने अपील की है कि लोग इन तालाबों और कुंडों में प्रतिमा विसर्जन न करें।
इसके लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थल बताए जा सकते हैं। नगर निगम की ओर से शंकुलधारा के पास वैकल्पिक व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समितियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उपयुक्त स्थल का नाम, जीपीएस लोकेशन और फोटो व्हाट्सएप नंबर 8601872688 पर भेज सकते हैं।