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Varanasi News : कंगाली की राह पर माफिया मुख्तार अंसारी, बांदा जेल में बंद है 'बाहुबली'

Sun, 21 Aug 2022 04:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News :  साल 2017 से 15 अगस्त 2022 तक दो अरब 80 करोड़ की संपत्तियों पर बुलडोजर गरजा व एक अरब 82 करोड़ से भी अधिक की जब्त की गई। मऊ, गाजीपुर व आजमगढ़ में सबसे अधिक ध्वस्तीकरण व जब्तीकरण की कार्रवाई हुई। मऊ में 16 करोड़ 80 लाख की संपत्ति पर ध्वस्तीकरण व 63 करोड़ 17 लाख की संपत्ति जब्त की गई।
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mukhtar ansari - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के खिलाफ वाराणसी जोन की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। साल 2017 से 15 अगस्त 2022 तक दो अरब 80 करोड़ की संपत्तियों पर बुलडोजर गरजा व एक अरब 82 करोड़ से भी अधिक की जब्त की गई। मऊ, गाजीपुर व आजमगढ़ में सबसे अधिक ध्वस्तीकरण व जब्तीकरण की कार्रवाई हुई। मऊ में 16 करोड़ 80 लाख की संपत्ति पर ध्वस्तीकरण व 63 करोड़ 17 लाख की संपत्ति जब्त की गई। गाजीपुर में 11 करोड़ की संपत्ति पर बुलडोजर व इतनी ही धनराशि जब्त की गई।

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आजमगढ़ में मुख्तार और उसके करीबियों की एक करोड़ 96 लाख मूल्य की संपत्तियों पर बुलडोजर गरजा। शूटरों और गुंडों की फौज रखने वाले मुख्तार और करीबियों का बनारस, मऊ व गाजीपुर में 166 शस्त्र लाइसेंस निलंबित और 120 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए। 164 असलहे पुलिस की निगरानी में जमा है। हाल ही में पत्नी आफशा के नाम से होटल व अन्य संपत्तियों को ढहाया। 

जेल में गुर्गे, मुकदमों की बढ़ती गई संख्या
मऊ के पूर्व सदर विधायक मुख्तार के गुर्गों पर चोट करने में पुलिस पीछे नहीं रही। यही नहीं, मुख्तार गिरोह पर मुकदमों की संख्या भी साल दर साल बढ़ती गई। बनारस, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, बलिया में मुख्तार सहित गुर्गों पर 146 मुकदमे दर्ज हुए। जबकि 245 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 66 गुंडों पर कार्रवाई की गई, इसमें 39 जिला बदर किए गए। जबकि मऊ में छह के खिलाफ एनएसए लगाया गया। 
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मछली से हर साल 69 करोड़ की रकम पैदा करता था मुख्तार 
पूर्वांचल के बनारस, मऊ, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही सहित अन्य जनपदों में मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों की मछली कारोबार पर मजबूत पकड़ थी। चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ मछली कारोबार से मुख्तार व उसके सहयोगियों को सालाना 69 करोड़ 30 लाख की आय होती थी। 
 
जेल में बंद माफिया मुख्तार और उसके करीबियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। अवैध धंधे बंद कराने से इन पांच साल में मुख्तार को लगभग दो अरब 54 करोड़ प्रति सालाना की आर्थिक क्षति पहुंची है। 
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-राम कुमार, एडीजी जोन, वाराणसी

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