ईंट निर्माता परिषद की स्थापना दिवस के अवसर पर व्यापारियों ने समस्याओं और उसके समाधान पर खुलकर चर्चा की। प्रमुख रूप से जीएसटी को लेकर विचार-विमर्श किए गए।
विभागीय नियमों के मकड़लजाल और भ्रष्टाचार के चलते काशी में वैध ईंट भट्ठा मालिक पलायन करने को विवश हैं। मिट्टी और कोयला न मिलने और जीएसटी समेत अन्य कई परेशानियां ईंट-भट्ठा मालिकों को उठानी पड़ रही हैं। यह बातें ईंट निर्माता परिषद के अध्यक्ष कमलाकांत पांडेय ने शुक्रवार को परिषद के 45वें स्थापना दिवस पर कहीं।
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शिवपुर सेंट्रल जेल रोड स्थित एक होटल में कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान मुख्य अतिथि राज्यकर के अपर आयुक्त ग्रेड वन मिथिलेश शुक्ला ने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए सभी परेशानियां दूर की जाएंगी। जीएसटी संबंधी समस्याएं होने पर ईंट भट्ठा मालिक कार्यालय में आकर मुलाकात करें।
संयुक्त आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने भट्ठा मालिकों को आश्वस्त किया कि किसी का भी उत्पीड़न नहीं होगा। इस दौरान भट्ठा मालिकों ने जीएसटी अधिकारियों को बताया कि शहर में ईंट की नई मंडियां खुल रही हैं। जौनपुर, मिर्जापुर, चंदौली के ईंट वाराणसी में बेचे जा रहे हैं। इन अवैध ईंट भट्ठों की रोकथाम बेहद जरूरी है।
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संचालन ओमप्रकाश बदलानी और धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री शिवप्रकाश सिंह ने किया। इस मौके पर सीताराम यादव, मंशा राम आहूजा, रमेश प्रद्धवानी, कमलेश नारायण सिंह, मोहन लखमानी, गुलाब यादव, मनोज यादव, कैलाश नाथ पटेल, प्रशांत पांडेय रहे।