पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के सर्किल वन में 200 संविदा कर्मियों से 1500 रुपये लेकर उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दे दिया गया था। कर्मचारी संबंधित जगह पर कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो पता चला कि उनकी नियुक्ति हुई ही नहीं है।
बिजली निगम के सर्किल एक में 200 संविदा कर्मियों से नियुक्ति के नाम पर 1500 रुपये हर कमी से लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र देने का मुद्दा मुख्य अभियंता के सामने उठाया है।
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विद्युत मजदूर संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष इंद्रेश कुमार राय के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता अनिल वर्मा से मिलकर इसके लिए जिम्मेदार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस दौरान 4 निर्दोष संविदा कर्मचारियों को 8 माह से नौकरी से हटाए जाने पर भी न्याय करने की मांग की।
अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने कहा कि कर्मचारियों के समस्याओं को उच्चाधिकारियों द्वारा बार बार टाल मटोल किया जा रहा है।
पूर्वांचल महामंत्री वेद प्रकाश राय ने बताया कि नरिया उपकेंद्र पर कार्यरत रहे 4 संविदा कर्मचारियों पर एक झूठे विद्युत चोरी के मामले में आरोपी बनाकर कार्यस्थल से हटा दिया गया जबकि उक्त चोरी के लिए मुख्य अभियन्ता द्वारा गठित समिति ने तत्कालीन जेई और एसडीओ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस तरह की स्थिति तब है जब एसडीओ के 6 माह के कार्यकाल में 5 संविदा कर्मी करंट लगने से झुलस गए हैं।
नरिया, रामनगर, नगवा, सुन्दरपुर उपकेंद्रों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों से 3 से 4 लाख रुपए फर्जी तरीके से वसूलने वाले निजी कंपनी के कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्य अभियंता ने एक सप्ताह में समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है।