तीसरा आईसीएमएआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने तीन साल में न्यूरोपैथिक दर्द के उपचार के लिए लगभग 52 लाख के फंड का प्रोेजेक्ट सौंपा है। चौथा 51.69 लाख का प्रोजेक्ट आईसीएमएआर ने ही दिया है। अगले तीन साल में चाेट और घावों को ठीक करने के लिए एंटी बैक्टीरियल बायो एंजाइम हाइड्रोजेल विकसित किया जाएगा।
डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने स्टोक पैरामीटर्स और पोलराइजेशन इमेजिंग का अल्गोरिद्म तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। इसमें 18 महीने का समय दिया गया है। आईआईटी-बीएचयू को मार्च महीने में 12 पेटेंट ग्रांट हो गए हैं और एक ही फाइल हो पाया है।
युवाओं को मिलेंगे जॉब के बेहतर अवसर, कॅरिअर मार्गदर्शन भी
प्रदेश में युवाओं को नौकरी के लिए अधिक से अधिक अवसर देने व कॅरियर मार्गदर्शन के लिए शुक्रवार को प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, क्वैस कार्प लिमिटेड व सह उदति फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया। इसमें भी महिलाओं को रोजगार के अवसर दिलाने पर विशेष फोकस किया जाएगा।
निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन नेहा प्रकाश ने बताया कि क्वैस कार्प लिमिटेड द्वारा सेवायोजन विभाग के रोजगार संगम पोर्टल पर उपलब्ध अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में रिक्तियों के सापेक्ष नौकरी दिलाने के साथ ही उन्हें कॅरिअर मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
वहीं उदति फाउंडेशन महिलाओं के उत्थान के लिए रोजगार देने व कॅरिअर मार्गदर्शन का काम करेगा। इस एमओयू के माध्यम से अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यता व कौशल के अनुसार रोजगार संगम पोर्टल पर नौकरियों की सूचना दी जाएगी। बाजार मांग के अनुरूप नौकरियों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। कॅरिअर गाइडेंस के लिए व्यवस्था की जाएगी।