नए साल में 850 राजस्व गांव का जीआईएस मास्टर प्लान तैयार होगा। वीडीए की ओर से यह जिम्मेदारी सांई संस्था को दी गई है। यह योजना आवास, वाणिज्यिक क्षेत्रों और खुले स्थानों सहित विभिन्न आवश्यकताओं के बीच विकास को संतुलित बनाएगी। इसके तहत वीडीए सीमा में 278 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को शामिल गया है।
इसके सभी राजस्व गांव का मास्टर प्लान बनने से कई लाभ होंगे। मास्टर प्लान प्रौद्योगिकी, वित्त और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में निवेश के क्षेत्रों की पहचान करेंगे। वाणिज्यिक पार्क और औद्योगिक क्षेत्र बनाकर आर्थिक गतिविधि को प्रोत्साहित करेंगे। इसके प्रमुख लाभों में बेहतर भूमि उपयोग और बुनियादी ढांचा नियोजन शामिल है। हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी आएगी।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और विकास पहलों के लिए सामुदायिक समर्थन में बढ़ोतरी होगी। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने बताया कि मास्टर प्लान विकास को दिशा देने के लिए प्रस्तावित भूमि-उपयोग मानचित्र तैयार करते हुए शहर के विकास के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण प्रदान करता है। जो समय के साथ विकास और परिवर्तन का मार्गदर्शन करता है। जिससे निवासियों के जीवन स्तर में सुधार, व्यवस्थित विकास और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।