सिद्धि व बुधादित्य राजयोग का बन रहा संयोग
गंगा दशहरा पर उत्तम योग बन रहा है। हर्ष योग, रवि, व्यतिपात, सिद्धि, ध्वज, धाता योग बन रहा है। जबकि वृषभ राशि में बुध और सूर्य का बुधादित्य राजयोग, शुक्र की उपस्थिति से वृषभ राशि का स्वामी शुक्र के होने से मालव्य योग बनेगा, जो सुख-समृद्धि, वैभव की प्राप्ति आदि का फल देगा।
गंगा दशहरा पर गंगा स्नान, पूजन और दान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा में 10 डुबकी लगाने का विधान है। 10 तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। 10 दीपदान, 10 तरह के फल और 10 ब्राह्मणों को दान देने की परंपरा है। मिट्टी का घड़ा दान करने से बड़ा पुण्य मिलता है।
पूजन के शुभ मुहूर्त
गंगा दशहरा पर मां गंगा के पूजन के विशिष्ट मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए) सुबह 4:04 से 4:45 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त (पूजा के लिए) दिन में 11:51 से 12:46 बजे तक है। वैसे दिनभर पूजन के लिए शुभ है।
सिद्धि व बुधादित्य राजयोग का बन रहा संयोग : गंगा दशहरा पर उत्तम योग बन रहा है। हर्ष योग, रवि, व्यतिपात, सिद्धि, ध्वज, धाता योग बन रहा है। जबकि वृषभ राशि में बुध और सूर्य का बुधादित्य राजयोग, शुक्र की उपस्थिति से वृषभ राशि का स्वामी शुक्र के होने से मालव्य योग बनेगा, जो सुख-समृद्धि, वैभव और धन की प्राप्ति आदि का फल मिलेगा।