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Varanasi News: आठ साल बाद अधिकमास में गंगा दशहरा, स्नान-दान का साै गुना फल; जानें खास मुहूर्त

Sat, 23 May 2026 03:18 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: आठ साल बाद अधिकमास में पड़ रहे गंगा दशहरा पर इस बार विशेष संयोग बन रहे हैं। गंगा अवतरण दिवस पर मूल नक्षत्र, सिद्धि योग, बुधादित्य राजयोग समेत छह शुभ योग रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का फल सौ गुना बढ़कर मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष मुहूर्त भी तय किए गए हैं।
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गंगा स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Adhik Maas: अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में आठ साल बाद गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जाएगा। ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को वृषभ लग्न और हस्त नक्षत्र में मां गंगा के अवतरण का उत्सव भक्त मनाएंगे। इसी नक्षत्र व लग्न में मां का अवतरण हुआ था। इसके साथ ही चार विशिष्ट योग और चार उत्तम मुहूर्त में गंगा मां का पूजन होगा जो सौ गुना फलदायी है। गंगा दशहरा का पर्व 26 मई को मनाया जाएगा। 

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ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। ज्येष्ठ मास में अधिकमास हो तो गंगा दशहरा अधिकमास वाले ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी को ही मनाया जाता है, क्योंकि मां गंगा का भूमंडल पर अवतरण इसी विशिष्ट तिथि पर हुआ था। इसलिए इस पर्व को ज्येष्ठ शुद्ध मास के बजाय अधिकमास ज्येष्ठ मास में मनाते हैं। इससे पहले 2018 में ज्येष्ठ मास में ही अधिकमास पड़ा था। 

2018 में  गंगा दशहरा 24 मई को मनाया गया था। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रख्यात ज्योतिषाचार्य प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि दशमी तिथि 25 मई को सुबह 8:02 बजे से लगेगी और अगले दिन सुबह 7:40 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के चलते गंगा दशहरा 26 मई को मनाया जाएगा। मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हस्त नक्षत्र और वृषभ लग्न में हुआ था। इस बार भी ये संयोग बन रहा है। सिद्धि, बुधादित्य राजयोग सहित छह विशिष्ट योग भी बन रहे हैं। 

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सिद्धि व बुधादित्य राजयोग का बन रहा संयोग 
गंगा दशहरा पर उत्तम योग बन रहा है। हर्ष योग, रवि, व्यतिपात, सिद्धि, ध्वज, धाता योग बन रहा है। जबकि वृषभ राशि में बुध और सूर्य का बुधादित्य राजयोग, शुक्र की उपस्थिति से वृषभ राशि का स्वामी शुक्र के होने से मालव्य योग बनेगा, जो सुख-समृद्धि, वैभव की प्राप्ति आदि का फल देगा। 

गंगा दशहरा पर गंगा स्नान, पूजन और दान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा में 10 डुबकी लगाने का विधान है। 10 तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। 10 दीपदान, 10 तरह के फल और 10 ब्राह्मणों को दान देने की परंपरा है। मिट्टी का घड़ा दान करने से बड़ा पुण्य मिलता है।
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पूजन के शुभ मुहूर्त
गंगा दशहरा पर मां गंगा के पूजन के विशिष्ट मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए) सुबह 4:04 से 4:45 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त (पूजा के लिए) दिन में 11:51 से 12:46 बजे तक है। वैसे दिनभर पूजन के लिए शुभ है।

सिद्धि व बुधादित्य राजयोग का बन रहा संयोग : गंगा दशहरा पर उत्तम योग बन रहा है। हर्ष योग, रवि, व्यतिपात, सिद्धि, ध्वज, धाता योग बन रहा है। जबकि वृषभ राशि में बुध और सूर्य का बुधादित्य राजयोग, शुक्र की उपस्थिति से वृषभ राशि का स्वामी शुक्र के होने से मालव्य योग बनेगा, जो सुख-समृद्धि, वैभव और धन की प्राप्ति आदि का फल मिलेगा।
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