दीनानाथ का कहना है कि पूरी घटना अदालत परिसर और बरामदे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत परिसर में ही सुनीता देवी ने उन पर मुकदमे में सुलह करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर परिवार सहित जान से मरवाने की धमकी दी गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
पीड़ित के अनुसार, मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त से भी की गई थी, लेकिन काफी समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया।
थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अदालत में फर्जी तरीके से पेश होने और धमकी देने के आरोपों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।