महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में उर्दू के असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपियों से जल्द ही सतर्कता अधिष्ठान की टीम पूछताछ करेगी। आरोपी कोलकाता निवासी पूर्व कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग और पूर्व कुलसचिव गाजीपुर के कोतवाली थाना के बीकापुर निवासी डॉ. ओम प्रकाश को नोटिस भेजकर तलब किया जाएगा। नियुक्ति में हुई धांधली के प्रकरण की विवेचना में कुछ और जिम्मेदार भी आरोपियों की सूची में शामिल होंगे। उधर, डॉ. नाग और डॉ. ओम प्रकाश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद विद्यापीठ में नियुक्ति की तत्कालीन प्रक्रिया से जुड़े रहे लोगों में हड़कंप है।
काशी विद्यापीठ में विभिन्न विषयों में शिक्षकों के अलग-अलग पदों पर चयन की प्रक्रिया 12 अगस्त 2017 से 28 अक्तूबर 2017 के बीच हुई थी। सतर्कता अधिष्ठान के वाराणसी सेक्टर थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार कम एपीआई स्कोर वाले दो अभ्यर्थियों की नियुक्ति असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तत्कालीन कुलपति और कुलसचिव ने अनियमितता बरतते हुए गलत तरीके से कराई थी। जबकि, दोनों अभ्यर्थी डॉ. मो. निजामुद्दीन और डॉ. शहनाज असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के साक्षात्कार के लिए भी अर्ह नहीं थे। उधर, इस संबंध में पूछे जाने पर डॉ. पृथ्वीश नाग ने फोन पर कहा कि कहां और क्या मुकदमा दर्ज हुआ है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।