पिता दुबई में और चाचा बाहर, हम किसे-क्या समझाएं
लकी की मौत की खबर सुनकर उसके बाबा मोहम्मद रेयान खान बेसुध हो गए। मोहल्ले के लोग उन्हें संभाले हुए थे। मोहम्मद रेयान ने बताया कि लकी के पिता दुबई में नौकरी करते हैं। उसके चाचा भी बाहर रहते हैं। घर में मैं अकेला लकी की मां को कैसे और क्या समझाऊं। दुबई से बेटा हर दो मिनट पर फोन कर रहा है कि अब्बा क्या हुआ, लकी अब कैसा है। लकी इस साल कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी कर नौवीं में गया था। किसी चीज की कोई कमी नहीं है। न जाने किसका क्या बिगड़ा था कि ऊपर वाले ने बुढ़ापे में ऐसा जख्म दिया है।
परिजनों को नहीं पता था कि कहां गए हैं बच्चे
बच्चों की जल्दबाजी और मनमानी परिजनों के जीवन भर के लिए नासूर जख्म बन जाती है। रामनगर कस्बे में गंगा में डूबने वाले बच्चों के मामले में भी ऐसा ही हुआ। पांचों में से किसी के परिजन को यह नहीं पता था कि वह आखिरकार कहां गए हुए हैं। सभी के परिजन यही मान रहे थे कि उनके बच्चे मोहल्ले में ही किसी के घर में होंगे। पांचों बच्चों के गंगा में डूबने की खबर उनके परिजनों को मिली तो सभी के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई और सभी सब कुछ छोड़ कर सिपहिया घाट की ओर भागे।