बरसात में बिजली के पोल, बॉक्स में करंट उतरने का खतरा अधिक रहता है। दो साल पहले जिस रास्ते पर श्रद्धालु खड़े थे, वहां कोदई चौकी मोड़ के पास स्टील की रेलिंग में करंट उतर गया था। इसके बाद भी जितनी सजगता से बिजली निगम की ओर से कार्रवाई होनी चाहिए वो नहीं दिख रही है।
बिजली निगम के अधिकारियों की ओर से खुले बॉक्स को ढकवाने का दावा किया जा रहा है लेकिन गुरुवार को बासंफाटक के पास ट्रांसफार्मर बिना जाली के दिखा तो जहां पैनल बॉक्स भी लगे थे, उसका ढक्कन भी पूरी तरह बंद नहीं दिखा। इसके अलावा नीची बाग के पास लगे ट्रांसफार्मर का तार भी ऐसा लटक रहा था जैसे कि जरा सी लापरवाही पर खतरा हो सकता है।
सावन के मद्देनजर बाबा दरबार वाले रास्तों पर अभियान चलाकर खुले बॉक्स को ढ़कवाया जा रहा है। जिन जगहों पर कहीं अंडरग्राउंड तार अगर उपर दिख रहा है तो उसको भी सही करवाया जा रहा है। खुले ट्रांसफार्मर को भी जाली से ढकवाया जाएगा, जिससे कि करंट का खतरा एकदम न रहे। - राकेश पांडेय, मुख्य अभियंता